लखनऊ (ब्यूरो)। जीवन साथी एप पर जालसाज ने आरबीआई कर्मी बनकर रिश्ते का प्रस्ताव रखा। गोमतीनगर विस्तार में घर बताकर शादी की। सगाई में पांच लाख कैश व लाखों के जेवर लेने के बाद आरोपित व उसके परिवार ने लोन दिलाने का झांसा देकर युवती से करीब पांच लाख रुपए और लिए। लोन का जाली चेक भेजा। मामला थाने पहुंचा तो सारा राज खुल गया। पता चला है कि आरोपित ने पूर्व में सात अन्य युवतियों को शादी और एक युवक को नौकरी का झांसा देकर ठगी की है। एसओ गोमतीनगर विस्तार गौरव बाजपेयी ने बताया कि केस दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। आरोपित फरार हो गया है।
नवंबर 2025 में हुई सगाई
बाराबंकी के फतेहपुर सूरतगंज निवासी युवती ने बताया कि जीवन साथी एप पर वर की तलाश की तो गोमतीनगर विस्तार के छोटा भरवारा निवासी सुमित शर्मा से संपर्क हुआ। उसने खुद को आरबीआई शाखा लखनऊ का कर्मचारी बताया। दोनों परिवार में मुलाकात हुई। सब तय होने के बाद नवंबर 2025 को सगाई हुई। कार्यक्रम में सुमित के पिता सुधीर कुमार शर्मा, मां अंजली शर्मा, भाई समेत समेत परिवार के अन्य करीबी लोग कानपुर, मैनपुरी से आए। सुमित की मां अजली ने भी खुद को बैंककर्मी बताया था।

लोन दिलाने का झांसा दिया
युवती के पिता ने सुमित को पांच लाख नकद, चेन अंगूठी के साथ ही जेवर उपहार में दिए। कार्यक्रम के बाद सुमित ने सरकारी बैंकों से लोन दिलाने का झांसा देकर युवती से पांच लाख और लिए। कुछ समय बाद सुमित ने लोन स्वीकृत होने की बात कही, लेकिन खाते में पैसा न आया तो युवती को शक हुआ। छानबीन की तो पता चला कि सुमित आरबीआई कर्मी नहीं है।
चेक भी निकली जाली
लोन से जुड़ी वाट्सएप पर भेजी चेक भी जाली थी। 10 मार्च को युवती आरोपित के घर पहुंची तो वहां ताला मिला। आसपास लोगों ने बताया कि मकान संतोष यादव का है। सुमित मकान किराए पर लेकर यहां पत्नी, बच्चे व साले के साथ रहता था। रिपोर्ट के मुताबिक, सुमित व उसके परिजन ने दिल्ली, हल्द्वानी, पश्चिम बंगाल व बाराबंकी की सात महिलाओं को शादी का झांसा देकर और मैनपुरी के नितिन से नौकरी के नाम पर लाखों की ठगी की है।

