स्वंतरता दिवस पर अलर्ट के दौरान एटीएस (एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड) मेरठ ने हापुड़ से जिन दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है, उनका पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी से ताल्लुक होने की आशंका है। दोनों संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। कर्नाटक के कलबुर्गी और कानपुर देहात से भी संदिग्ध पकड़े गए हैं।
कर्नाटक से पकड़े दो संदिग्धों का भी पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी से संपर्क बताया गया है। इससे पहले भी पाकिस्तानी गैंगस्टर से संपर्क रखने वाले वेस्ट यूपी के 25 युवाओं को एटीएस और पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। हापुड़ के शेरपुर गांव से मिली सरधना निवासी कादर अब्दुल के नाम से रजिस्टर्ड बाइक की छानबीन की जा रही है।
कर्नाटक के कलबुर्गी स्थित एक मीट फैक्टरी से बृहस्पतिवार को एटीएस ने कर्नाटक के कलबुर्गी तालुक के उपलम गांव के पास से मोहम्मद समीर और सलमान को गिरफ्तार किया गया था। ये यूपी के निवासी बताए गए हैं। ये वहां एक मीट फैक्टरी में काम करते थे। एटीएस ने समीर के कमरे से कुछ नक्शे भी बरामद किए हैं।
बताया गया है कि आरोपी शहजाद भट्टी व उसके गुर्गों से संपर्क में थे। इन्होंने उत्तर प्रदेश के कुछ अन्य युवाओं से भी संपर्क किया था। इसके बाद ही एटीएस ने कानपुर देहात के अकबरपुर से भी एटीएस ने भाई-बहन को हिरासत में लिया है।
इनका भी पाकिस्तान में सोशल मीडिया या फोन के जरिये संपर्क की बात सामने आ रही है। हालांकि अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इसके अलावा हापुड़ में दो संदिग्धों के पकड़े जाने के मेरठ में भी खुफिया विभाग अलर्ट हुआ, लेकिन सरधना निवासी कादर अब्दुल के संबंध में पुलिस अधिकारी ठोस जानकारी नहीं दे पाए।
सीओ सरधना आशुतोष कुमार ने बताया कि इस संबंध एटीएस ने उनसे कोई संपर्क नहीं किया है। हालांकि पुलिस अपने स्तर से बाइक स्वामी का पता लगाने का प्रयास कर रही है।
अंबाला में मेरठ के अनस की गिरफ्तारी के बाद सामने आए कई मामले
पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और सरदार उर्फ सरफराज ने इंस्टाग्राम, यूट्यूब और फेसबुक के माध्यम से स्लीपर सेल तैयार कर रहे हैं। 13 मार्च को अंबाला में मेरठ के अनस समेत तीन युवकों की गिरफ्तारी के बाद इस नेटवर्क का सबसे पहले खुलासा हुआ था। अनस दो साल पहले चंडीगढ़ में पाकिस्तानी नेटवर्क के संपर्क में आया था। इसके बाद 15 मार्च को सुहैल मलिक और महक सहित छह अन्य आरोपी पकड़े गए थे।
पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और सरदार उर्फ सरफराज ने इंस्टाग्राम, यूट्यूब और फेसबुक के माध्यम से स्लीपर सेल तैयार कर रहे हैं। 13 मार्च को अंबाला में मेरठ के अनस समेत तीन युवकों की गिरफ्तारी के बाद इस नेटवर्क का सबसे पहले खुलासा हुआ था। अनस दो साल पहले चंडीगढ़ में पाकिस्तानी नेटवर्क के संपर्क में आया था। इसके बाद 15 मार्च को सुहैल मलिक और महक सहित छह अन्य आरोपी पकड़े गए थे।
महक पाकिस्तान में बैठे आकाओं के सीधे संपर्क में थी। आरोपियों ने दिल्ली कैंट और सोनीपत रेलवे स्टेशन पर जासूसी के इरादे से सीसीटीवी कैमरे भी लगाए थे। इनसे जुड़े मेरठ के आरोपी गगन और दुर्गेश के खातों में रुपये आते थे। 17 मार्च को भावनपुर थाना क्षेत्र के रहने वाले आजाद राजपूत को मेरठ के परतापुर टोल से गिरफ्तार किया गया था। उसके मोबाइल से शहजाद भट्टी के साथ वीडियो कॉल के साक्ष्य मिले थे। वह हापुड़ के धौलाना निवासी अपने रिश्तेदार के साथ पकड़ा गया था।
20 मार्च को गाजियाबाद में गणेश और गगन कुमार समेत कई आरोपियों को पकड़ा गया। इस नेटवर्क में पांच नाबालिगों के शामिल होने की बात सामने आई थी। 24 अप्रैल कंकरखेड़ा में रह रहे तुषार चौहान उर्फ हिजबुल्ला अली खान को नोएडा से गिरफ्तार किया गया था। हालांकि उसके परिजन ने उसके मानसिक रूप से बीमार होने का दावा किया था लेकिन उन्होंने यह भी बताया था कि वह पाकिस्तान के एक जवान से सोशल मीडिया से संपर्क में आया था।

