मेरठ न्यूज़ : इलाहाबाद हाईकोर्ट में प्लाट आवंटन से जुड़े केस में मेरठ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष संजय मीणा ने बीमारी के आधार पर पेशी से छूट मांगी। इस पर जजों ने उनका स्वास्थ्य जांच करने के आदेश दिए।
प्लाट आवंटन से जुड़े एक मामले में व्यक्तिगत पेशी से बचने के लिए स्वास्थ्य खराब होने का हवाला देना मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) के उपाध्यक्ष संजय मीणा को भारी पड़ गया। बीमारी का दावा कर हाईकोर्ट में खुद पेश होने के बजाय मेडा सचिव को भेजे जाने पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया।
अदालत ने अब स्वास्थ्य संबंधी दावे की वास्तविकता जानने के लिए मेरठ के सीएमओ और स्पेशल सीजेएम को उनके आवास पर जाकर मेडिकल परीक्षण कराने के निर्देश दिए हैं। सीएमओ डॉ. राम प्रसाद ने जिला अस्पताल के चिकित्सकों की टीम गठित की। मंगलवार को डॉक्टरों की टीम मेडा उपाध्यक्ष के आवास पर पहुंची और उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया। इस दौरान चिकित्सकों ने कई जांचें कीं और ब्लड सैंपल भी लिए। जांच रिपोर्ट मंगलवार तक आने की संभावना है। इसके बाद रिपोर्ट हाईकोर्ट में दाखिल की जाएगी।
हाईकोर्ट में विचाराधीन याचिका
दरअसल, प्लाट आवंटन से संबंधित एक याचिका इलाहाबाद हाईकोर्ट में विचाराधीन है। मामले में मेडा उपाध्यक्ष संजय मीणा को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होने के निर्देश दिए गए थे। निर्धारित सुनवाई के दौरान उनकी ओर से स्वास्थ्य खराब होने का हवाला देते हुए व्यक्तिगत पेशी से छूट मांगी गई। उनकी जगह मेडा सचिव अर्पित गुप्ता अदालत में उपस्थित हुए।
जजों ने जताई नाराजगी
मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति इंद्रजीत शुक्ला और न्यायमूर्ति जेजे मुनीर की खंडपीठ के समक्ष हुई। उपाध्यक्ष की गैरहाजिरी और बीमारी के आधार पर मांगी गई छूट को लेकर अदालत ने नाराजगी जताई। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह सुनिश्चित किया जाना जरूरी है कि स्वास्थ्य संबंधी कारण वास्तव में इतने गंभीर हैं कि उपाध्यक्ष निर्धारित समय पर अदालत में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो सकते।
स्वास्थ्य जांच कराने के आदेश
इसके बाद हाईकोर्ट ने मेरठ के सीएमओ और स्पेशल सीजेएम को निर्देश दिया कि वे मेडा उपाध्यक्ष के आवास पर जाकर उनके स्वास्थ्य की जांच कराएं। अदालत ने यह भी कहा कि मेडिकल परीक्षण के बाद रिपोर्ट निर्धारित समय में न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत की जाए। रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया जाना है कि उपाध्यक्ष की स्वास्थ्य स्थिति ऐसी है या नहीं, जिसके कारण वह तत्काल हाईकोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश होने में असमर्थ हैं।
डॉक्टरों ने लिए सैंपल
हाईकोर्ट के आदेश के बाद स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हुआ और जिला अस्पताल के चिकित्सकों की टीम को मेडा उपाध्यक्ष के आवास भेजा गया। डॉक्टरों ने मौके पर ही जरूरी जांचें कीं और सैंपल लिए। अब मेडिकल रिपोर्ट पर सबकी नजर है। रिपोर्ट हाईकोर्ट में दाखिल होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि अदालत इस मामले में आगे क्या रुख अपनाती है।
सीएमओ डॉ. राम प्रसाद ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश पर जिला अस्पताल के डॉक्टरों की टीम ने मेडा उपाध्यक्ष का स्वास्थ्य परीक्षण किया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद उसे हाईकोर्ट में प्रस्तुत किया जाएगा।

