SZN MEDIA विशेष संवाददाता,
किसी ने सही ही कहा है की की आज जी जनता अपने दुःख से दुखी नहीं है बल्कि दुसरो के सीखो से ज्यादा दुखी है ,
जी है हम बात कर रहे है अमन फौजी पुत्र ज्ञान सिंह जो की गंगा नगर नवासी है तथा एक सामाजिक कार्यकर्त्ता केसाथ ससथ अपना व्यापर भी चलाता है, इसी व्यापर के क्रम में अमन फौजी का एक होटल निशांत रेजीजेंसी है जिस होटल पैर ये सारा तथाकथित घटनाक्रम अन्जा दिया गया ।
इस होटल को एक सोची समझी साजित के तहत बदनाम करने लिए कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा चले चली गई लेकिन जीत सच्चाई की हुई दरअसल अमन फौजी सामाजिक कार्यकर्ता के साथ साथ बीजेपी में भी अपना एक स्थान रखते है अमन बीजेपी के लिए सक्रिय करता है उसको कार्यशैली की गूँज इस बार होने वाले विधान सभा चुनाव में दावेदारी मणि जा रही है इसी से नाराज और परेसान लोगो ने अमन के इस होटल पर घटना किम अंजाम दे डाला लेकिंन जीत सच्चाई की हुई वास्तव में जिस दिन यह घटना हुई अमन फौजी महाकाल के दरसनो के लिए उज्जैन गया था य सरखेल एक सोची समझी साजिस के तहत बजरंग दाल द्वारा किया गया है वारहॉल यह जांच का विषय है केकिन अमन फौजी एक सामाजिक और प्रतिष्ठित व्यक्ति होने के साथ साथ गरीबो का हमदर्द भी है।

