मेरठ के चर्चित नीला ड्रम केस में 14 अक्टूबर को कोर्ट अपना फैसला सुनाएगा। मुस्कान ने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर पति सौरभ की हत्या की थी। जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा मुस्कान और साहिल को सजा देंगे। सजा होते ही जेल में मुस्कान और साहिल की जिंदगी में मुश्किलें बढ़ जाएंगी।
दोनों पिछले 17 महीने से जेल में बंदी की तरह रह रहे हैं, अब सजायाफ्ता हो जाएंगे। इसके बाद यूपी जेल मैनुअल के अनुसार उनके रहन-सहन की तमाम चीजें भी बदलेंगी। जैसे- मुस्कान सफेद या क्रीम कलर की साड़ी या सलवार-सूट पहनेगी। सौरभ सफेद कुर्ता, पैंट पहनेगा।
अभी तक कोर्ट की सुनवाई के दौरान दोनों एक-दूसरे को देख या मिल सकते हैं। लेकिन, सजा होने के बाद दोनों एक-दूसरे का चेहरा तक नहीं देख सकेंगे।

मेरठ जिला जेल के वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा से SZN MEDIA ने इस बारे में बात की। मुस्कान-साहिल की जिंदगी कैसी बदलेगी, वो बदलाव क्या होंगे, पढ़िए…
यूनिफॉर्म में नजर आएंगे साहिल-मुस्कान
डॉ. वीरेश राज शर्मा ने बताया- सजा होते ही मुस्कान-साहिल को अब जेल में कैदियों वाले कपड़े पहनने होंगे। उन पर यूनिफॉर्म का नियम लागू होगा। इस नियम के तहत मुस्कान को सफेद, हल्के क्रीम कलर की साड़ी या सूट दिया जाएगा। साहिल को पुरुष कैदियों वाला यूनिफॉर्म सफेद कुर्ता, पैंट दी जाएगी।
दोनों को यही कपड़े पहनने होंगे, जिससे उनकी पहचान जेल में अलग से हो सके। अंडर ट्रायल बंदी अपने कपड़े पहन सकते हैं। लेकिन, सजा होने के बाद जेल नियमों के मुताबिक यूनिफॉर्म पहननी पड़ती है।
साहिल को मिलेगा ज्यादा मेहनत वाला काम
साहिल और मुस्कान को काम भी बांटे जाएंगे। मुस्कान के साथ अभी छोटी बच्ची है, इसलिए उससे काम नहीं कराया जाएगा। लेकिन, साहिल को काम करना पड़ेगा। उससे ज्यादा मेहनत वाले काम भी कराए जा सकते हैं।
इसके साथ ही सेंट्रल जेल भेजने के लिए दोनों की फाइल तैयार होगी। अगर ये दोनों अपने घरवालों से अपील कराना चाहें या खुद चाहें, तो जेल के जरिए हाईकोर्ट में अपील कर सकते हैं। नियमों के अनुसार ही परिवार से मुलाकात भी होगी।
डाइट सामान्य से हटकर डेढ़ गुना बढ़ाई जाएगी
सजा होने के बाद कैदियों की डाइट भी बदलती है। क्योंकि, जेल में सजायाफ्ता कैदी से मेहनत और ज्यादा काम कराए जाते हैं। इनमें अधिक ऊर्जा लगती है, इसलिए उनकी डाइट भी बदलती है। इसलिए दोनों की डाइट भी बढ़ेगी। साथ ही इनकी निगरानी भी बढ़ाई जाएगी।
मुस्कान और साहिल दूसरी जेल में शिफ्ट होंगे
सजा होने के बाद कैदी को अन्य जेलों में भी शिफ्ट किया जाता है। लेकिन, यह शिफ्टिंग अन्य जेलों में सीटों की वैकेंसी पर निर्भर करती है। इसलिए जेलों में सीटें खाली होने के अनुसार ही मुस्कान और साहिल को अन्य जेलों में शिफ्ट किया जाएगा। पुरुष कैदियों को अक्सर आगरा की पुरुष सेंट्रल जेल भेजा जाता है।
महिला कैदियों को लखनऊ में नारी निकेतन भेजा जाता है। हालांकि, 300 पुरुष कैदी और 17-18 महिला कैदियों की शिफ्टिंग अभी पहले से बाकी है। सीटें खाली होने पर पहले पुराने लोगों को भेजना होगा, इसके बाद ही मुस्कान-साहिल को शिफ्ट करा जा सकेगा।
लेकिन, तब तक दोनों को मेरठ जिला जेल में ही रखा जाएगा। मुस्कान जहां जाएगी, उसकी बेटी भी साथ ही जाएगी। क्योंकि, बेटी की उम्र अभी सालभर से कम है। 6 साल तक बच्चे को मां के साथ जेल में ही रहने का नियम है। इसके चलते बच्ची 6 साल तक मुस्कान के साथ रहेगी।
नाम नहीं कैदी नंबर होगा, दोनों की नई पहचान
सजा सुनाए जाने के बाद ही मुस्कान और साहिल दोनों को कैदी नंबर भी मिलेगा। मुस्कान इस वक्त महिला बंदियों की बैरक 12ए में है। साहिल भी पुरुषों की बैरक में है। साहिल की संभवत: बैरक बदल सकती है। लेकिन, महिला बंदियों की कुल 2 बैरक होने से मुस्कान की बैरक बदलना मुश्किल है।
कैदी नंबर से दोनों की रोजाना गिनती होगी। दोनों की पहचान अब जेल में उनका नाम नहीं, कैदी नंबर बनेगा। ये नंबर सजा वाले दिन के सीरियल के अनुसार दिया जाएगा।
14 अक्टूबर के बाद मुस्कान-साहिल एक-दूसरे की शक्ल नहीं देख सकेंगे
- 14 अक्टूबर वो आखिरी तारीख होगी, जब मुस्कान-साहिल आखिरी बार एक-दूसरे को देखेंगे। दोनों का आमना-सामना होगा। मुस्कान-साहिल दोनों 19 मार्च, 2025 से जिला जेल में बंद हैं। इस दौरान दोनों एक-दूसरे के आमने-सामने कोर्ट की तारीखों पर आते रहे हैं।
- 19 मार्च, 2025 को जेल जाते वक्त दोनों ने एक-दूसरे को देखा था। इसके बाद 21 अप्रैल, 2026 को जब मुस्कान-साहिल को 313 की कार्रवाई के लिए जिला जज की कोर्ट में लाया गया, तब दोनों ने एक-दूसरे को जेल से बाहर आकर देखा था।
- इसके अलावा बीच-बीच में दोनों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सुनवाई के दौरान एक-दूसरे को देखा। 30 सितंबर, 2026 को भी दोनों एक साथ जेल के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूम से जुड़े। तब एक-दूसरे को देख पाए थे।
- मुस्कान और साहिल दोनों न पति-पत्नी हैं और न ही दोनों में खून का संबंध है। इसलिए जेल में दोनों की मुलाकात नहीं हो सकती। सजा सुनाए जाने के बाद मुस्कान महिला और साहिल पुरुष बैरक में नियमानुसार सजा काटेगा।
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साहिल के भाई ने हाईकोर्ट में तय किया वकील
मेरठ जिला कोर्ट में सजा सुनाए जाने के बाद मुस्कान-साहिल हाईकोर्ट में अपने वकील के जरिए चैलेंज कर सकते हैं। चर्चा है कि साहिल के भाई की तरफ से इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक निजी वकील हायर किया जा चुका है। वकील हाईकोर्ट में साहिल की बेल और रिहाई के लिए अपील करेंगे। लेकिन, मुस्कान की तरफ से उसकी बेल कराने या केस लड़ने वाला फिलहाल कोई नहीं है।

