सुलतानपुर में बीमा कंपनी से फर्जी क्लेम हड़पने की एक बड़ी साजिश का खुलासा हुआ है। टाटा एआईजी बीमा कंपनी के चीफ मैनेजर की शिकायत पर अमेठी की एक महिला के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है।
टाटा एआईजी कंपनी के चीफ मैनेजर गौरव शर्मा ने सुलतानपुर एसपी को तहरीर दी थी। तहरीर के अनुसार, अमेठी जिले के पिण्डोरिया गांव निवासी मीना सिंह (पत्नी स्व. चंद्रभान सिंह) ने अपने पति की सड़क हादसे में हुई मौत के बाद मुआवजे के लिए मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (MACT) न्यायालय सुलतानपुर में एक थर्ड पार्टी क्लेम पत्रावली (सं.- 338/2024) दाखिल की थी।
शिकायत में बताया गया कि इस मामले में 9 जुलाई 2024 को बंधुआकला थाने में एक दुर्घटना की FIR दर्ज की गई थी। हालांकि, पुलिस की अंतिम जांच रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ कि जिस बाइक (संख्या: UP 45 AL 1509) को हादसे में शामिल बताया जा रहा था, उससे कोई दुर्घटना नहीं हुई थी।
बीमा कंपनी द्वारा की गई आंतरिक जांच और दस्तावेजों के सत्यापन में भी यही तथ्य सामने आया। जांच में पाया गया कि टाटा एआईजी से बीमित उक्त बाइक का गलत इस्तेमाल कर फर्जी तरीके से क्लेम राशि हड़पने के लिए यह पूरी साजिश रची गई थी।
बीमा कंपनी के चीफ मैनेजर की तहरीर के आधार पर पुलिस ने धोखाधड़ी और साजिश की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। उपनिरीक्षक प्रदीप कुमार मिश्रा को इस मामले की जांच सौंपी गई है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस फर्जी क्लेम सिंडिकेट में महिला के अलावा और कौन-कौन से लोग या बिचौलिए शामिल हैं।

