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जज्बा : दर्द से लड़कर वापसी की तैयारी में अन्नू रानी, बोलीं-‘I”ll be back. Stronger. Fitter. Hungrier.

SZN  संवाददाता, मेरठ। भारतीय भाला फेंक की स्टार खिलाड़ी ओलिंपियन अन्नू रानी के लिए यह साल मैदान पर उपलब्धियों से ज्यादा संघर्ष का रहा है। चोट के कारण उन्हें कई अहम मौकों से दूर रहना पड़ा। एक खिलाड़ी के लिए प्रतियोगिताओं से बाहर रहना जितना मुश्किल होता है, उससे कहीं ज्यादा मुश्किल उस समय होता है जब शरीर साथ न दे और सामने लक्ष्य दिखाई देता रहे। अन्नू रानी ने अब इसी दौर को अपनी वापसी की तैयारी का हिस्सा बना लिया है।

अन्नू ने इंटरनेट मीडिया पर अपने भाव साझा करते हुए लिखा कि यह उनके खेल जीवन के सबसे कठिन दौर में से एक रहा। साल की शुरुआत उन्होंने सपनों, लक्ष्यों और कुछ खास हासिल करने की उम्मीद के साथ की थी, लेकिन चोट ने बहुत कुछ बदल दिया। उन्होंने कहा कि दर्द केवल शारीरिक नहीं था, बल्कि भावनात्मक रूप से भी यह देखना कठिन था कि अवसर सामने से निकलते जा रहे हैं और वह खुद पूरी तरह फिट होने के लिए संघर्ष कर रही हैं। उन्होंने लिखा, ‘कुछ दिन ऐसे भी रहे जब मैं निराश, हताश और खुद को असहाय महसूस करती थी, लेकिन मैंने खुद पर विश्वास करना कभी नहीं छोड़ा।’

‘वापसी की कहानी अभी लिखी जानी बाकी है’
अन्नू रानी ने साफ किया कि फिलहाल उनका पूरा ध्यान पूरी तरह स्वस्थ होने, दोबारा ताकत हासिल करने और मजबूत मानसिकता के साथ मैदान पर लौटने पर है। उन्होंने कहा कि अगले साल वह पूरी तरह फिट होकर अपने सपनों के लिए फिर से लड़ने लौटेंगी।

उनका संदेश बेहद स्पष्ट था कि ‘यह साल भले ही दर्दभरा रहा हो, लेकिन यह मेरी कहानी का अंत नहीं है। मेरी वापसी की कहानी अभी लिखी जानी बाकी है।’ अंत में अन्नू ने अपने अंदाज में लिखा, ‘I”ll be back. Stronger. Fitter. Hungrier.’ यानी वह पहले से ज्यादा मजबूत, ज्यादा फिट और जीत की भूख के साथ लौटने का इरादा रखती हैं।

अन्नू के नाम दर्ज हैं कई बड़ी उपलब्धियां
भारतीय एथलेटिक्स में अन्नू रानी ने पिछले एक दशक में भाला फेंक को नई पहचान दिलाई है। वह 2023 हांगझोउ एशियाई खेलों में 62.92 मीटर के प्रदर्शन के साथ स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला भाला फेंक खिलाड़ी बनी थीं। इससे पहले उन्होंने 2014 एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीता था। .

बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेल 2022 में भी अन्नू ने कांस्य पदक अपने नाम किया और भारतीय महिला भाला फेंक में राष्ट्रमंडल खेलों का पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। वह टोक्यो 2020 और पेरिस 2024 ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। विश्व चैंपियनशिप में भी वह पांच बार हिस्सा ले चुकी हैं। उनके नाम 63.82 मीटर का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज है और वह कई बार राष्ट्रीय रिकार्ड अपने नाम कर चुकी हैं।

‘शेरनी शिकार से पहले एक कदम पीछे हटती है’
अन्नू की पोस्ट पर योग प्रशिक्षक कंचन ने भी भावुक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने अन्नू को याद दिलाया कि चैंपियन की पहचान सिर्फ पदकों और जीत से नहीं होती, बल्कि उन मुश्किल दिनों से भी होती है, जब खिलाड़ी दर्द के बावजूद खुद पर विश्वास बनाए रखता है। कंचन ने लिखा कि कभी शरीर को आराम देना भी साधना है और कभी टूटकर फिर उठ खड़ा होना भी।

उन्होंने अन्नू को धैर्य रखने और अपनी आंतरिक शक्ति पर भरोसा करने का संदेश देते हुए लिखा कि उनका शरीर फिर स्वस्थ होगा और उनका मन दोबारा नई उड़ान भरेगा। अंत में उन्होंने अन्नू के लिए लिखा, ‘शेरनी जब शिकार करती है तो एक कदम पीछे हटती है।’

अब अन्नू रानी का लक्ष्य साफ है, पहले पूरी फिटनेस, फिर मैदान पर वापसी और उसके बाद एक बार फिर भारतीय भाला फेंक में अपनी पहचान को मजबूती देना। चोट ने उनकी रफ्तार जरूर थामी है, लेकिन उनके शब्दों में वापसी का आत्मविश्वास साफ दिखाई देता है।

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