सावन की मासिक शिवरात्रि के मौके पर जिलेभर के शिव मंदिरों में देर रात से ही आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है। मंदिरों के कपाट 24 घंटे खोलने की घोषणा होने के बाद श्रद्धालु हरिद्वार से साथ लाया हुआ पवित्र गंगाजल हाथों में लेकर दूध, बेलपत्र और पूजा सामग्री के साथ भगवान भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए लंबी कतारों में खड़े नजर आए।

शिवालयों में सुबह से ही हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारे गूंजते रहे। श्रद्धालु भगवान शिव के भजनों में लीन दिखाई दिए। मंदिर परिसर और आसपास का माहौल पूरी तरह शिवमय बना रहा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कतार में लगकर अपनी बारी का इंतजार किया और बाबा भोलेनाथ को जल अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर समिति के अनुसार लाखों की संख्या में श्रद्वालु शहर के प्रसिद्व शिवालयों में जलाभिषेक के लिए पहुंचते है, जिसकों लेकर लगभग 10 दिन पहले से तैयारियां शुरू कर दी जाती है।
प्रसिद्ध बाबा औघड़नाथ मंदिर और बिलेश्वर महादेव मंदिर समेत जिले के तमाम प्रमुख शिवालयों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने के साथ ही दर्शन और जलाभिषेक के लिए व्यवस्था भी लगातार संचालित की गई।
जलाभिषेक के लिए घंटों कतार में लगे भक्त
देर रात से ही मंदिरों में भीड़ देखने को मिली। श्रद्धालु कतार में लगकर अपनी बारी का इंतजार करते रहे। महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं के साथ बड़ी संख्या में बच्चे भी भगवान शिव के दर्शन करने पहुंचे। श्रद्धालुओं ने शिवलिंग पर जल, दूध, गंगाजल और बेलपत्र चढ़ाकर पूजा-अर्चना की। कई मंदिरों में श्रद्धालु भगवान शिव के भजन और धार्मिक गीत गाते हुए नजर आए। मंदिर परिसर में लगातार हर-हर महादेव के जयकारे लगते रहे। इससे आसपास का पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।

सावन में शिवरात्रि का विशेष महत्व
सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित माना जाता है। सावन की मासिक महाशिवरात्रि पर भगवान शिव का जलाभिषेक करने और पूजा-अर्चना करने के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह रहता है। इसी आस्था के चलते शुक्रवार को मेरठ जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में स्थित शिव मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटती रही। श्रद्धालुओं का कहना है कि सावन में भगवान शिव का जलाभिषेक करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इसी विश्वास के साथ बड़ी संख्या में भक्त मंदिर पहुंचे और विधि-विधान से पूजा कर भोलेनाथ का आशीर्वाद लिया।

